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सही इलाज के साथ मिली नई जिंदगी, गॉल ब्लेडर से पथरी निकलने की हुई लैप्रोस्कोपी सर्जरी
इंदौर. चोइथराम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के 39वे स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में होने वाले पांच दिवसीय कार्यक्रम खासतौर पर स्कूली बच्चों के लिए यह आयोजन रखा गया.
आयोजन के तीसरे दिन यहाँ बच्चों ने गॉल ब्लेडर से पथरी निकलने के लिए 45 मिनिट तक चली लैप्रोस्कोपी लाइव देखी. डॉ. सुदेश शारदा जब सर्जरी कर रहे थे तब हॉल में बच्चों के सवालों के जवाब देने के लिए डॉ सीएस चिमनिया और डॉ विवेक शर्मा मौजूद थे.
एनेस्थीशिया एक्सपर्ट के तौर पर उनका साथ दे रहे थे डॉ विवेक पलसुले. एक्सपर्ट्स ने बच्चों को बताया कि आमतौर पर लोग सोचते हैं कि लैप्रोस्कोपी एक महंगी प्रक्रिया है पर देखा जाए तो यह ओपन सर्जरी से ज्यादा सुरक्षित है और इसमें मरीज की रिकवरी भी जल्दी होती है यानी आप जल्दी अपने काम पर लौट सकते हैं, इस तरह यह मरीज के लिए ज्यादा किफायती साबित होती है.
डेप्युटी डायरेक्टर डॉ. अमित भट्ट ने बताया गुरुवार को हॉस्पिटल में सीनियर सिटिजऩ का जोड़ सम्बंधित तकलीफ के लिए निशुल्क केम्प भी लगाया जयेगा । इसमें ड्रेसिंग का झंझट और इन्फेक्शन का खतरा भी कम होता है। असिस्टेंट डायरेक्टर श्री अनिल कुमार लाख्वानी ने बच्चों को पुरुस्कार वितरित किए।


